खादी और ग्रामोद्योग की ऐतिहासिक छलांग: FY26 में बिक्री 1.87 लाख करोड़ रुपये के पार, उत्पादन में भी बंपर उछाल
खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने FY26 में 1.87 लाख करोड़ रुपये की ऐतिहासिक बिक्री दर्ज की है। उत्पादन में 380% का उछाल आया है। इससे जुड़ी पूरी खबर पढ़ें।
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स्वदेशी उत्पादों की बढ़ती मांग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के बीच खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने नया इतिहास रचा है। वित्त वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री अपने अब तक के रिकॉर्ड स्तर को छूते हुए 1.87 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। यह रिकॉर्ड आंकड़ा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि खादी अब एक पारंपरिक परिधान से आगे बढ़कर भारत के रिटेल और एफएमसीजी बाजार में एक मजबूत आर्थिक ताकत बन चुका है।
खादी और ग्रामोद्योग के उत्पादों की बिक्री वर्ष 2025-26 में 1,87, 105 करोड़ रुपये के अपने ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई। खादी और ग्राम उद्योग आयोग (केवीआईसी) ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पिछले वित्तीय वर्ष (2024-25) में इन उत्पादों की बिक्री 1,70,551.37 करोड़ रुपये थी। जिसमें वित्तीय वर्ष 2013-14 की बिक्री 31,154 करोड़ रुपये की तुलना में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई थी। केवीआईसी के चेयरमैन मनोज कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में केवीआईसी के उत्पादों की बिक्री 2.51 लाख करोड़ रुपये रह सकती है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2013-14 में खादी और ग्राम उद्योग के वस्तुओं का उत्पादन 26,109 करोड़ रुपये था, जो लगभग पांच गुना बढ़कर 2025-26 में 1,25,296 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसमें 380 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
आगे का आउटलुक
केवीआईसी के चेयरमैन मनोज कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए इस वृद्धि पर भरोसा जताया है। उन्होंने सकारात्मक आउटलुक पेश करते हुए कहा कि विकास की यह रफ्तार आगे भी कायम रहेगी। चेयरमैन के अनुसार, मजबूत मांग के दम पर वित्त वर्ष 2026-27 में केवीआईसी उत्पादों की कुल बिक्री 2.51 लाख करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े को पार कर जाने की उम्मीद है।
खादी और ग्रामोद्योग के ये रिकॉर्ड-तोड़ आंकड़े साबित करते हैं कि यह सेक्टर भारत के आर्थिक विकास का एक प्रमुख स्तंभ बन चुका है। उत्पादन से लेकर बिक्री तक में यह निरंतर वृद्धि न केवल बाजार के सेंटिमेंट को मजबूत कर रही है, बल्कि आने वाले समय में ग्रामीण आजीविका और स्वदेशी व्यापार के लिए एक मजबूत नींव तैयार कर रही है।