Banswara News: अमरीका-इजरायल और ईरान के बीच हमलों से वागड़ में छाई चिंता, हजारों लोग खाड़ी देशों में फंसे
Banswara News: इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान पर शनिवार को किए हमलों तथा ईरान की ओर से कुवैत, कतर, बहरीन आदि में अमरीकी बेस पर जवाबी कार्रवाई के बाद वागड़ में चिंता छा गई है। इसका कारण बांसवाड़ा एवं डूंगरपुर के हजारों लोगों का खाड़ी देशों में रोजगाररत होना है।
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मध्य-पूर्व में इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान पर शनिवार को किए गए हमलों तथा ईरान की ओर से कुवैत, कतर, बहरीन आदि में स्थित अमरीकी बेस पर जवाबी कार्रवाई के बाद वागड़ में चिंता छा गई है। इसका मुख्य कारण बांसवाड़ा एवं डूंगरपुर के हजारों लोगों का खाड़ी देशों में रोजगाररत होना है।
शनिवार सुबह ईरान के प्रमुख शहरों में इजरायल और अमेरिका की ओर से हवाई हमले किए गए थे। इसके बाद ईरान ने इजरायल के साथ ही अमेरिका के खिलाफ ऐलान ए जंग कर दिया है। ईरान ने मध्य पूर्व में स्थित अमेरिका के 7 सैन्य अड्डों पर मिसाइलों से हमला किया है। जानकारी के अनुसार ईरान ने सऊदी अरब, जॉर्डन, बहरीन, कुवैत, कतर आदि में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डों पर जवाबी हमला किया है।
कॉल करके ली जानकारी
समाचार चैनलों पर विशेष रूप से कुवैत, कतर, बहरीन, दुबई में हमले की जानकारी के बाद वागड़ के लोगों ने कुशलक्षेम जानने के लिए कॉल किए और सुरक्षित स्थानों पर जाने व सरकार के निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी। हालांकि कुवैत में अभी तक कुवैत के अमरीकी बेस पर ही हमले की जानकारी है। रिहायशी इलाकों में कोई हमला नहीं हुआ है।
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कुवैत से मजबूत है वागड़ का अर्थतंत्र
बांसवाड़ा और डूंगरपुर दोनों जिलों के हजारों लोग खाड़ी देशों में रोजगाररत हैं। सबसे अधिक वागड़वासी कुवैत और दुबई में हैं। वहां वेतन दिनार के रूप मिलता है। एक दीनार की कीमत भारतीय मुद्रा में करीब 298 रुपये होती है। इस कारण यहां से जाने वाले लोगों की आय अच्छी होती है। वे अपने परिवार को प्रतिमाह हजारों रुपये भेजते हैं, जिससे आर्थिक स्थिति बेहतर होने से वागड़ का अर्थतंत्र भी मजबूत बना रहता है।
स्थायी और अस्थायी कामगार
वागड़ से खाड़ी देशों में रोजगाररत कई लोगों के पास कामगार की वीजा है। कुवैत जाने वालों के पास साउन की वीजा है, जिसके धारक स्थायी रूप से वहां काम करते हैं। वहीं कुछ खादिम की वीजा पर निर्धारित अवधि के लिए कुवैत आदि जाते हैं और वहां घरों में काम करते हैं। समयावधि पूरी होने पर उन्हें वापस लौटना पड़ता है। वापस नहीं लौटने पर वहां के प्रशासन की ओर से जांच की जाती है। इसमें खादिम की वीजा होने तथा समयावधि पूरी हो जाना पाए जाने पर वापस भारत भेज दिया जाता है।
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