{"_id":"677d0f6999d93cb5ab014b16","slug":"bikaner-camel-festival-2025-rajasthan-royal-diet-milk-cashew-almonds-key-points-in-hindi-2025-01-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bikaner News: क्या है ऊंटों के स्टेमिना का राज, अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव में रॉयल डाइट की हो रही चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bikaner News: क्या है ऊंटों के स्टेमिना का राज, अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव में रॉयल डाइट की हो रही चर्चा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Wed, 08 Jan 2025 04:14 PM IST
विज्ञापन
सार
Bikaner: अंतरराष्ट्रीय कैमल फेस्टिवल बीकानेर का प्रमुख आकर्षण है, जिसमें ऊंटों की दौड़, सजावट, और फर कटिंग प्रतियोगिताएं होती हैं। ऊंटों की इस खास तैयारी ने फेस्टिवल को और भी रोचक बना दिया है। ऊंट पालकों की मेहनत और ऊंटों की रॉयल डाइट ने इस फेस्टिवल की शान को बढ़ा दिया है।
ऊंट को दूध पिलाते हुए
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
ऊंटों की परंपरागत छवि बदल रही है। जहां आमतौर पर उन्हें केवल चारा खिलाने की बात होती है, वहीं बीकानेर में अंतरराष्ट्रीय कैमल फेस्टिवल को देखते हुए ऊंटों के लिए खास 'रॉयल डाइट' तैयार की जा रही है। ऊंटों को अब मोठ और मूंगफली के चारे के साथ दूध, घी, तेल, काजू और बादाम जैसी पोषक चीजें खिलाई जा रही हैं। ऊंट पालक समीर खान ने बताया कि ऊंटों को आकर्षक दिखाने और उनका स्टेमिना बढ़ाने के लिए यह खास खुराक दी जा रही है।
उन्होंने बताया, "हम सुबह-शाम ऊंटों को 10 किलो मोठ और मूंगफली का चारा देते हैं। साथ ही रोजाना दो किलो गाय का दूध, 300 ग्राम घी और सेहत के अनुसार तेल भी दिया जाता है। फेस्टिवल के दौरान ऊंटों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए काजू और बादाम भी शामिल किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
समीर खान का ऊंट पिछले साल फर कटिंग और सजावट प्रतियोगिता में तीसरे स्थान पर रहा था और इस बार भी वह फेस्टिवल में भाग ले रहा है। उनका ऊंट करीब 700-800 किलो वजनी है और इसकी खास देखभाल की जा रही है।
जिले में सैकड़ों ऊंट पालक हैं, लेकिन कुछ ही पालक हैं जो अपने ऊंटों को इस तरह की रॉयल डाइट पर रखते हैं। यह डाइट ऊंटों को न केवल आकर्षक बनाती है, बल्कि उनका स्टेमिना भी बढ़ाती है, ताकि वे ऊंट दौड़ में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। कैमल फेस्टिवल में हर साल 20-30 ऊंट दौड़ में हिस्सा लेते हैं, और वे 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकते हैं।