Bundi News : बाघिन आरवीटी 8 कालदां के जंगलों को छोड़ आगे बढ़ी, वन विभाग ने बढ़ाई मॉनिटरिंग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाघिन ने करीब दो महीने से बून्दी शहर के निकट व कालदां के जंगलों को अपना आशियाना बना रखा था। इस दौरान बाघिन ने जैवविविधता से समृद्ध कालदां के पूरे इलाके को देखा। फिर उसने अपना मूवमेंट बढ़ा दिया। बाघिन के कालदां के बाद अब भीमलत इलाके में पंहुचने पर वन विभाग ने क्षेत्र में मोनिटरिंग बढ़ा दी है। आसपास के ग्रामीणों से जंगल में नहीं जाने की अपील भी की है।
ये भी पढ़ें: नीलगायों के शिकार का खुलासा, दो आरोपी हिरासत में; मोबाइल में मिला पशु से बर्बरता का वीडियो
गौरतलब है कि रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के कोर प्रथम से जुड़ा कालदां बफर जोन जन शून्य है। ये इलाका सदियों से बाघों की शरणस्थली रहा है। बाघिन आरवीटी 8 इस इलाके को अपनी टेरेटरी बनाने के लिए पूरे क्षेत्र में विचरण कर रही है। पहली बार बाघिन भीमलत क्षेत्र में पहुंची है जो यदि आगे बढ़ती है तो मुकुन्दरा टाइगर रिजर्व में जा सकती है। हालांकि इसके वापस कालदां लौटने की संभावना अधिक है। वन विभाग सेटेलाइट कॉलर के द्वारा 24 घण्टे बाघिन की गतिविधियों पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है।

कालदां के जंगल में जल प्रपात