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Kota Ravan Effigy World Record: राजस्थान में दशहरे पर 233 फीट का पुतला दहन, विश्व में सबसे ऊंचे 'रावण' का दावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Fri, 03 Oct 2025 12:18 AM IST
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सार
विजयदशमी का पर्व देशभर में बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में हर्षोल्लास से मनाया गया। दशहरे के इस मौके पर कई राज्यों में रावण के पुतले जलाने की परंपरा भी है। इसी सिलसिले में इस बार राजस्थान के कोटा में खास आयोजन किया गया। यहां के आयोजकों का दावा है कि उन्होंने 233 फीट के रावण का पुतला जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। जानिए इस उपलब्धि के बारे में
कोटा में रावण दहन
- फोटो : एएनआई वीडियो ग्रैब
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विस्तार
राजस्थान में दशहरे पर 233 फीट का पुतला दहन कर विश्व में सबसे ऊंचे 'रावण' के पुतले को जलाने का दावा किया गया है।दरअसल, कोटा के दशहरा मैदान में इस बार विजयादशमी का पर्व ऐतिहासिक बन गया, जब 233 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन कर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। यह पुतला अब तक का सबसे ऊंचा माना जा रहा है। इससे पहले 2024 में दिल्ली में 210 फीट ऊंचे पुतले का दहन किया गया था। कोटा ने इसी रिकॉर्ड को तोड़कर अपना नाम दर्ज कराया है। एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों ने इस उपलब्धि का प्रमाण पत्र भी आयोजकों को सौंप दिया है।
भारतीय कला और शिल्प का अद्भुत उदाहरण
विश्व में सबसे ऊंचे रावण के पुतले का दहन करने वाले शहर कोटा में विजयदशमी के मौके पर आयोजित दशहरा मेला न केवल धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है, बल्कि विश्व पटल पर भारतीय कला और शिल्प का अद्भुत उदाहरण बनकर उभरा है।
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कैसे और किन कलाकारों ने बनाया कीर्तिमान
इस भव्य आयोजन के पीछे अंबाला के कारीगर तेजेंद्र चौहान और उनकी 25 सदस्यीय टीम ने चार महीने तक कठिन मेहनत की। 233 फीट ऊंचे रावण के पुतले को बनाने में 10.5 टन स्टील, कुल 13.5 टन वजन, 200 किलो रस्सी और बांस का प्रयोग हुआ। रावण का चेहरा 25 फीट ऊंचा और तीन क्विंटल वजनी फाइबरग्लास से बनाया गया। उसकी पोशाक के लिए करीब 4,000 मीटर मखमल का कपड़ा इस्तेमाल किया गया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 132वें राष्ट्रीय दशहरा मेले का शुभारंभ किया। इसके बाद रावण के साथ 60-60 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले भी जलाए गए। इन पुतलों को कोटा के पूर्व शाही परिवार के इज्याराज सिंह ने भगवान लक्ष्मीनारायण की शोभायात्रा के साथ पहुंचकर धनुष से बाण चला कर अग्नि दी।
धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं का अनूठा संगम
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मौके पर लोगों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पर्व न्याय पर अन्याय और सत्य पर असत्य की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कोटा दशहरा हमारी सांस्कृतिक धरोहर, धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं का अनूठा संगम है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में किए गए जीएसटी सुधारों का उल्लेख करते हुए बताया कि हस्तशिल्प वस्तुओं पर कर घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे कारीगरों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने लोगों से स्वदेशी वस्तुएं खरीदने और 'वोकल फॉर लोकल' का संदेश अपनाने की अपील की।
ये भी पढ़ें- Kurukshetra News: हर्षोल्लास से मनाया गया दशहरा पर्व, रिमोट का बटन दबते ही खाक हुआ रावण का कुनबा
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी जनता को संबोधित करते हुए विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के मंत्री मदन दिलावर, हीरालाल नागर और विधायक कल्पना देवी समेत अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
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भारतीय कला और शिल्प का अद्भुत उदाहरण
विश्व में सबसे ऊंचे रावण के पुतले का दहन करने वाले शहर कोटा में विजयदशमी के मौके पर आयोजित दशहरा मेला न केवल धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है, बल्कि विश्व पटल पर भारतीय कला और शिल्प का अद्भुत उदाहरण बनकर उभरा है।
कैसे और किन कलाकारों ने बनाया कीर्तिमान
इस भव्य आयोजन के पीछे अंबाला के कारीगर तेजेंद्र चौहान और उनकी 25 सदस्यीय टीम ने चार महीने तक कठिन मेहनत की। 233 फीट ऊंचे रावण के पुतले को बनाने में 10.5 टन स्टील, कुल 13.5 टन वजन, 200 किलो रस्सी और बांस का प्रयोग हुआ। रावण का चेहरा 25 फीट ऊंचा और तीन क्विंटल वजनी फाइबरग्लास से बनाया गया। उसकी पोशाक के लिए करीब 4,000 मीटर मखमल का कपड़ा इस्तेमाल किया गया।
दिग्गजों की मौजूदगी में हुआ रावण के पुतले का दहन#WATCH | Rajasthan: Ravan effigy in Kota, claimed to be the tallest in the world, burnt at 'Ravan Dahan' this evening. CM Bhajanlal Sharma and Lok Sabha Speaker Om Birla were present at the occasion. pic.twitter.com/Xd0GnkrMTP
— ANI (@ANI) October 2, 2025
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 132वें राष्ट्रीय दशहरा मेले का शुभारंभ किया। इसके बाद रावण के साथ 60-60 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले भी जलाए गए। इन पुतलों को कोटा के पूर्व शाही परिवार के इज्याराज सिंह ने भगवान लक्ष्मीनारायण की शोभायात्रा के साथ पहुंचकर धनुष से बाण चला कर अग्नि दी।
धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं का अनूठा संगम
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मौके पर लोगों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पर्व न्याय पर अन्याय और सत्य पर असत्य की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कोटा दशहरा हमारी सांस्कृतिक धरोहर, धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं का अनूठा संगम है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में किए गए जीएसटी सुधारों का उल्लेख करते हुए बताया कि हस्तशिल्प वस्तुओं पर कर घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे कारीगरों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने लोगों से स्वदेशी वस्तुएं खरीदने और 'वोकल फॉर लोकल' का संदेश अपनाने की अपील की।
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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी जनता को संबोधित करते हुए विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के मंत्री मदन दिलावर, हीरालाल नागर और विधायक कल्पना देवी समेत अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।