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स्वीट और बेबी कॉर्न की खेती किसानों के लिए लाभकारी : बाल गोविंद
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-एंब्रोसिया नेचुरल कंपनी परिसर में हुई किसान गोष्ठी
फोटो-13
संवाद न्यूज एजेंसी
रमाला। कंडेरा गांव में शनिवार को एंब्रोसिया नेचुरल कंपनी परिसर में किसान गोष्ठी हुई, जिसमें जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव ने किसानों को स्वीट और बेबी कॉर्न की खेती से आय बढ़ाने के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि किसान इन फसलों से प्रति एकड़ एक लाख से डेढ़ लाख रुपये तक का मुनाफा कमा सकते हैं।
बाल गोविंद यादव ने बताया कि बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न की फसल 70 से 90 दिनों में तैयार हो जाती है। बाजार में इनकी बिक्री 25 से 30 रुपये प्रति किलो तक होती है। उन्होंने जोर दिया कि किसान इसकी खेती से अच्छा लाभ कमा सकते हैं। प्रदेश सरकार ने बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न को बढ़ावा देने के लिए मक्का विकास योजना भी शुरू की है। किसान इस योजना का लाभ उठाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। कंपनी के निदेशक जयदेव सिंह ने इस अवसर पर बेबी और स्वीट कॉर्न की खेती करने वाले किसानों को सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि किसान इसकी खेती की उन्नत विधियां सीख सकते हैं। गोष्ठी में कृषि वैज्ञानिक सूरजभान यादव और विवेक राज यादव भी उपस्थित रहे। विषय वस्तु विशेषज्ञ महेश कुमार खोखर सहित दलीप सिंह, प्रमोद अहलावत, जगमाल अहलावत और अंकित कुमार भी मौजूद थे।
फोटो-13
संवाद न्यूज एजेंसी
रमाला। कंडेरा गांव में शनिवार को एंब्रोसिया नेचुरल कंपनी परिसर में किसान गोष्ठी हुई, जिसमें जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव ने किसानों को स्वीट और बेबी कॉर्न की खेती से आय बढ़ाने के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि किसान इन फसलों से प्रति एकड़ एक लाख से डेढ़ लाख रुपये तक का मुनाफा कमा सकते हैं।
बाल गोविंद यादव ने बताया कि बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न की फसल 70 से 90 दिनों में तैयार हो जाती है। बाजार में इनकी बिक्री 25 से 30 रुपये प्रति किलो तक होती है। उन्होंने जोर दिया कि किसान इसकी खेती से अच्छा लाभ कमा सकते हैं। प्रदेश सरकार ने बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न को बढ़ावा देने के लिए मक्का विकास योजना भी शुरू की है। किसान इस योजना का लाभ उठाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। कंपनी के निदेशक जयदेव सिंह ने इस अवसर पर बेबी और स्वीट कॉर्न की खेती करने वाले किसानों को सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि किसान इसकी खेती की उन्नत विधियां सीख सकते हैं। गोष्ठी में कृषि वैज्ञानिक सूरजभान यादव और विवेक राज यादव भी उपस्थित रहे। विषय वस्तु विशेषज्ञ महेश कुमार खोखर सहित दलीप सिंह, प्रमोद अहलावत, जगमाल अहलावत और अंकित कुमार भी मौजूद थे।
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