उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में बुधवार को आयोजित जनकल्याण शिविर उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब प्रदेश के अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान निर्धारित कार्यक्रम के बावजूद शिविर में नहीं पहुंचे। सबसे हैरानी की बात यह रही कि मंत्री का काफिला शिविर स्थल से महज लगभग 100 मीटर की दूरी से गुजरते हुए उमरिया की ओर निकल गया, जबकि लोग दोपहर से उनके इंतजार में बैठे रहे।
पाली नगर पालिका क्षेत्र में गायत्री मंदिर के सामने आयोजित जनकल्याण शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने हितग्राहियों को प्रमाण पत्र, खाद-बीज सहित अन्य योजनाओं का लाभ भी वितरित किया। कार्यक्रम के अनुसार प्रभारी मंत्री को दोपहर 12:30 बजे शिविर में पहुंचना था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। सुबह से ही स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता मंत्री के स्वागत और अपनी समस्याएं रखने के लिए मौजूद थे।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे दोपहर 12 बजे से मंत्री के आने का इंतजार कर रहे थे। लोगों को उम्मीद थी कि वे अपनी समस्याएं सीधे प्रभारी मंत्री के सामने रख सकेंगे, लेकिन शाम तक इंतजार करने के बाद भी मंत्री नहीं पहुंचे। इससे लोगों में निराशा और नाराजगी देखने को मिली।
पढ़ें: कुएं की खुदाई के दौरान मलबा धंसा, सास-बहू 50 फीट गहराई में दबीं, एक की हुई मौत
कांग्रेस और यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ कई घंटों तक मंत्री के आने की प्रतीक्षा करते रहे। कांग्रेस का आरोप है कि वे नगर पालिका पाली द्वारा बनाए जा रहे नए बस स्टैंड निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायत मंत्री से करना चाहते थे तथा जांच की मांग करने वाले थे। लेकिन मंत्री के नहीं आने पर कांग्रेस नेताओं ने जिला कलेक्टर राखी सहाय को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच कराने की मांग की।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रवि मिश्रा और यूथ कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रजनीश तिवारी ने कहा कि जब मंत्री को कार्यक्रम में शामिल होना ही नहीं था तो जनता और कार्यकर्ताओं को घंटों इंतजार क्यों कराया गया। उन्होंने इसे जनता की उपेक्षा बताया। मंत्री के काफिले को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग और फिजूलखर्ची रोकने की बात करते हैं, वहीं मंत्री का बड़ा काफिला चर्चा का विषय बना हुआ है।
उल्लेखनीय है कि जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान को सुबह 11 बजे अमिलिहा में आयोजित जनकल्याण शिविर तथा दोपहर 12:30 बजे पाली के जनकल्याण शिविर में शामिल होना था। इसके बाद उन्हें अन्य कार्यक्रमों में भी भाग लेना था। हालांकि पाली का शिविर मंत्री की मौजूदगी के बिना ही संपन्न हो गया और पूरे दिन यह सवाल गूंजता रहा कि आखिर जनता का इंतजार अधूरा क्यों रह गया।