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Health: लंबे समय तक मेलाटोनिन लेना बढ़ाता है हृदयघात का जोखिम, विशेषज्ञों का दावा- मौत के मामले बढ़े
अमर उजाला नेटवर्क, न्यूयॉर्क।
Published by: Devesh Tripathi
Updated Wed, 20 May 2026 03:47 AM IST
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सार
शोधकर्ताओं ने ट्राइनेटएक्स ग्लोबल रिसर्च नेटवर्क के इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड्स का उपयोग करते हुए 1 लाख 30 हजार 828 वयस्कों के डाटा का विश्लेषण किया। इन सभी लोगों को लंबे समय से अनिद्रा की समस्या थी। अध्ययन में शामिल लोगों की औसत आयु 55.7 वर्ष थी और 61.4 प्रतिशत महिलाएं थीं।
अनिद्रा के मरीजों में हार्ट फेलियर
- फोटो : ANI
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विस्तार
नींद सुधारने के लिए जिन लोगों ने एक वर्ष या उससे अधिक समय तक मेलाटोनिन का उपयोग किया उनमें हार्ट फेलियर, अस्पताल में भर्ती होने और पांच वर्षों के भीतर मृत्यु का जोखिम आम लोगों की तुलना में अधिक पाया गया। हालांकि शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यह अध्ययन केवल संबंध दिखाता है, प्रत्यक्ष कारण और परिणाम साबित नहीं करता।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की साइंटिफिक सेशंस में प्रस्तुत रिपोर्ट साइंस और हेल्थ प्लेटफॉर्म अर्थस्नैप में प्रकाशित हुई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि निष्कर्ष प्रारंभिक हैं, लेकिन वे एक ऐसे सप्लीमेंट की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हैं जिसे आमतौर पर नेचुरल और सुरक्षित माना जाता है। मेलाटोनिन एक हार्मोन है जो शरीर की जैविक घड़ी और सोने-जागने के चक्र को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह शरीर में पीनियल ग्रंथि द्वारा बनाया जाता है। अंधेरा बढ़ने पर इसका स्तर बढ़ता है और दिन के समय कम हो जाता है। इसका सिंथेटिक संस्करण कई देशों, विशेषकर अमेरिका में, बिना डॉक्टर के पर्चे के सप्लीमेंट के रूप में उपलब्ध है।
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अनिद्रा की समस्या से ग्रस्त लोगों पर बड़ा खतरा
अध्ययन का नेतृत्व न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित एसयूएनवाई डाउनस्टेट, किंग्स काउंटी प्राइमरी केयर में इंटरनल मेडिसिन के चीफ रेजिडेंट एकेनेडिलिचुक्वू न्नादी ने किया। शोधकर्ताओं ने ट्राइनेटएक्स ग्लोबल रिसर्च नेटवर्क के इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड्स का उपयोग करते हुए 1 लाख 30 हजार 828 वयस्कों के डाटा का विश्लेषण किया। इन सभी लोगों को लंबे समय से अनिद्रा की समस्या थी। अध्ययन में शामिल लोगों की औसत आयु 55.7 वर्ष थी और 61.4 प्रतिशत महिलाएं थीं।
शोधकर्ताओं ने उन मरीजों को लॉन्ग-टर्म यूजर माना जिनके रिकॉर्ड में कम से कम एक मेलाटोनिन प्रिस्क्रिप्शन दर्ज था और जिन्होंने एक वर्ष या उससे अधिक समय तक इसका उपयोग किया था। इनकी तुलना ऐसे मरीजों से की गई जिनके मेडिकल रिकॉर्ड में मेलाटोनिन उपयोग दर्ज नहीं था। दोनों समूहों को लगभग 40 कारकों के आधार पर संतुलित किया गया।
इनमें उम्र, लिंग, अन्य बीमारियां, हृदय और न्यूरोलॉजिकल दवाएं, ब्लड प्रेशर और बॉडी मास इंडेक्स शामिल थे। पहले से हार्ट फेलियर से पीड़ित या अन्य नींद की दवाएं लेने वाले लोगों को अध्ययन में शामिल नहीं किया गया।
सबसे अधिक हार्ट फेल होने का जोखिम
अध्ययन के अनुसार जिन लोगों ने 12 महीने या उससे अधिक समय तक मेलाटोनिन का उपयोग किया, उनमें अगले पांच वर्षों में हार्ट फेलियर की दर 4.6 प्रतिशत पाई गई, जबकि गैर-उपयोगकर्ताओं में यह 2.7 प्रतिशत थी।शोधकर्ताओं के अनुसार यह लगभग 90 प्रतिशत अधिक जोखिम का संकेत देता है।
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शोधकर्ताओं ने एक अतिरिक्त विश्लेषण भी किया जिसमें केवल उन लोगों को शामिल किया गया जिन्होंने कम से कम 90 दिनों के अंतर से दो बार मेलाटोनिन प्रिस्क्रिप्शन लिया था। इस स्थिति में भी जोखिम लगभग 82 प्रतिशत अधिक पाया गया। अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु का जोखिम भी बढ़ा है।
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अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की साइंटिफिक सेशंस में प्रस्तुत रिपोर्ट साइंस और हेल्थ प्लेटफॉर्म अर्थस्नैप में प्रकाशित हुई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि निष्कर्ष प्रारंभिक हैं, लेकिन वे एक ऐसे सप्लीमेंट की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हैं जिसे आमतौर पर नेचुरल और सुरक्षित माना जाता है। मेलाटोनिन एक हार्मोन है जो शरीर की जैविक घड़ी और सोने-जागने के चक्र को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह शरीर में पीनियल ग्रंथि द्वारा बनाया जाता है। अंधेरा बढ़ने पर इसका स्तर बढ़ता है और दिन के समय कम हो जाता है। इसका सिंथेटिक संस्करण कई देशों, विशेषकर अमेरिका में, बिना डॉक्टर के पर्चे के सप्लीमेंट के रूप में उपलब्ध है।
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अध्ययन का नेतृत्व न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित एसयूएनवाई डाउनस्टेट, किंग्स काउंटी प्राइमरी केयर में इंटरनल मेडिसिन के चीफ रेजिडेंट एकेनेडिलिचुक्वू न्नादी ने किया। शोधकर्ताओं ने ट्राइनेटएक्स ग्लोबल रिसर्च नेटवर्क के इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड्स का उपयोग करते हुए 1 लाख 30 हजार 828 वयस्कों के डाटा का विश्लेषण किया। इन सभी लोगों को लंबे समय से अनिद्रा की समस्या थी। अध्ययन में शामिल लोगों की औसत आयु 55.7 वर्ष थी और 61.4 प्रतिशत महिलाएं थीं।
शोधकर्ताओं ने उन मरीजों को लॉन्ग-टर्म यूजर माना जिनके रिकॉर्ड में कम से कम एक मेलाटोनिन प्रिस्क्रिप्शन दर्ज था और जिन्होंने एक वर्ष या उससे अधिक समय तक इसका उपयोग किया था। इनकी तुलना ऐसे मरीजों से की गई जिनके मेडिकल रिकॉर्ड में मेलाटोनिन उपयोग दर्ज नहीं था। दोनों समूहों को लगभग 40 कारकों के आधार पर संतुलित किया गया।
इनमें उम्र, लिंग, अन्य बीमारियां, हृदय और न्यूरोलॉजिकल दवाएं, ब्लड प्रेशर और बॉडी मास इंडेक्स शामिल थे। पहले से हार्ट फेलियर से पीड़ित या अन्य नींद की दवाएं लेने वाले लोगों को अध्ययन में शामिल नहीं किया गया।
सबसे अधिक हार्ट फेल होने का जोखिम
अध्ययन के अनुसार जिन लोगों ने 12 महीने या उससे अधिक समय तक मेलाटोनिन का उपयोग किया, उनमें अगले पांच वर्षों में हार्ट फेलियर की दर 4.6 प्रतिशत पाई गई, जबकि गैर-उपयोगकर्ताओं में यह 2.7 प्रतिशत थी।शोधकर्ताओं के अनुसार यह लगभग 90 प्रतिशत अधिक जोखिम का संकेत देता है।
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