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Bihar: 12वीं में फेल छात्र ने खाई 11 एक्सपायर्ड गोलियां, इलाज के दौरान मौत; अस्पताल पर लगा लापरवाही का आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांका
Published by: भागलपुर ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jun 2026 06:11 PM IST
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सार
Bihar News: बांका जिले में 12वीं की परीक्षा में असफल होने के बाद 20 वर्षीय छात्र कृष कुमार ने कथित तौर पर एक्सपायर्ड दवा की 11 गोलियां खा लीं। हालत बिगड़ने पर उसे अमरपुर अस्पताल से भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परीक्षा में असफल होने के बाद छात्र ने किया सुसाइड
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भागलपुर के मायागंज अस्पताल में इलाज के दौरान 12वीं की परीक्षा में असफल रहे एक छात्र की मौत हो गई। मामला बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या आठ का है। मृतक की पहचान विक्रम शाह के 20 वर्षीय पुत्र कृष कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि परीक्षा में असफल होने के बाद वह मानसिक तनाव में रहने लगा था। वह मनाली के एक निजी संस्थान में इंजीनियरिंग की तैयारी भी कर रहा था।
परीक्षा में असफलता के बाद बढ़ा मानसिक तनाव
परिजनों के अनुसार, हाल ही में परीक्षा परिणाम आने पर कृष कुमार 12वीं की परीक्षा में असफल हो गया था। इसके बाद वह काफी परेशान रहने लगा। बताया गया कि उसके पिता ने उसे पढ़ाई में लापरवाही और मोबाइल पर गेम खेलने की आदत को लेकर समझाया था। इसके बाद से वह और अधिक तनाव में आ गया।
खा लीं घर में रखी एक्सपायर्ड दवा की 11 गोलियां
परिजनों का कहना है कि तनाव के चलते कृष ने घर की किराना दुकान में रखी टैबलेट की 11 एक्सपायर्ड गोलियां एक साथ खा लीं। बताया जा रहा है कि यह दवा वर्ष 2024 में ही एक्सपायर हो चुकी थी।
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अमरपुर से भागलपुर रेफर लेकिन नहीं बच सकी जान
तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे पहले अमरपुर रेफरल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर कर दिया। एम्बुलेंस से उसे मायागंज अस्पताल लाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप
मृतक के बड़े पापा विवेक कुमार ने बताया कि भागलपुर अस्पताल पहुंचने के बाद उन्होंने डॉक्टरों से पेट साफ करने की गुहार लगाई थी, लेकिन उनकी बात पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि यदि समय पर उचित इलाज मिलता तो छात्र की जान बच सकती थी।
इंजीनियर बनने का सपना रह गया अधूरा
परिजनों के मुताबिक, कृष कुमार पढ़ाई में रुचि रखता था और इंजीनियर बनने का सपना देख रहा था। वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहा था। लेकिन परीक्षा में असफल होने के बाद वह लगातार तनाव में रहने लगा था।
यह भी पढ़ें: मोबाइल लूट का विरोध पड़ा भारी! सैलून संचालक को बदमाशों ने मारी गोली; जांघ में लगी गोली, हालत गंभीर
परिवार में पसरा मातम
कृष कुमार अपने दो भाइयों में बड़ा था, जबकि उसका छोटा भाई बाहर रहकर पढ़ाई करता है। उसके पिता विक्रम कुमार अमरपुर में किराना दुकान चलाते हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराने की बात कहते हुए शव को घर ले गए।
परीक्षा में असफलता के बाद बढ़ा मानसिक तनाव
परिजनों के अनुसार, हाल ही में परीक्षा परिणाम आने पर कृष कुमार 12वीं की परीक्षा में असफल हो गया था। इसके बाद वह काफी परेशान रहने लगा। बताया गया कि उसके पिता ने उसे पढ़ाई में लापरवाही और मोबाइल पर गेम खेलने की आदत को लेकर समझाया था। इसके बाद से वह और अधिक तनाव में आ गया।
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खा लीं घर में रखी एक्सपायर्ड दवा की 11 गोलियां
परिजनों का कहना है कि तनाव के चलते कृष ने घर की किराना दुकान में रखी टैबलेट की 11 एक्सपायर्ड गोलियां एक साथ खा लीं। बताया जा रहा है कि यह दवा वर्ष 2024 में ही एक्सपायर हो चुकी थी।
अमरपुर से भागलपुर रेफर लेकिन नहीं बच सकी जान
तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे पहले अमरपुर रेफरल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर कर दिया। एम्बुलेंस से उसे मायागंज अस्पताल लाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप
मृतक के बड़े पापा विवेक कुमार ने बताया कि भागलपुर अस्पताल पहुंचने के बाद उन्होंने डॉक्टरों से पेट साफ करने की गुहार लगाई थी, लेकिन उनकी बात पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि यदि समय पर उचित इलाज मिलता तो छात्र की जान बच सकती थी।
इंजीनियर बनने का सपना रह गया अधूरा
परिजनों के मुताबिक, कृष कुमार पढ़ाई में रुचि रखता था और इंजीनियर बनने का सपना देख रहा था। वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहा था। लेकिन परीक्षा में असफल होने के बाद वह लगातार तनाव में रहने लगा था।
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परिवार में पसरा मातम
कृष कुमार अपने दो भाइयों में बड़ा था, जबकि उसका छोटा भाई बाहर रहकर पढ़ाई करता है। उसके पिता विक्रम कुमार अमरपुर में किराना दुकान चलाते हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराने की बात कहते हुए शव को घर ले गए।