सब्सक्राइब करें
विज्ञापन
Hindi News ›   Video ›   World ›   US Strikes Iran: What Appeal Did Khamenei, Enraged by the US Attack, Make to Muslim Nations? | US Attacks | US

US Strike Iran: US के हमले से भड़के खामेनेई ने मुस्लिम देशों से की कैसी अपील? US Attacks | US vs Iran

अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: Adarsh Jha Updated Tue, 26 May 2026 09:19 PM IST
US Strikes Iran: What Appeal Did Khamenei, Enraged by the US Attack, Make to Muslim Nations? | US Attacks | US
क्या दुनिया एक और बड़े युद्ध की तरफ बढ़ रही है? क्या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब तीसरे वैश्विक ऊर्जा संकट का केंद्र बनने जा रहा है? क्या अमेरिका ने ईरान की उस नस पर हमला कर दिया है, जहां से पूरी दुनिया की तेल सप्लाई गुजरती है? और सबसे बड़ा सवाल... क्या ईरान अब सचमुच होर्मुज को बंद कर सकता है?

बकरीद से ठीक पहले पश्चिम एशिया में जो हुआ, उसने पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं। अमेरिका ने ईरान के उन सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जहां से ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को कंट्रोल करता है। ईरान इसे खुली जंग की शुरुआत बता रहा है, जबकि अमेरिका कह रहा है कि ये सिर्फ आत्मरक्षा में किया गया जवाब था।

लेकिन ऐसे में ये सवाल उठता है की आखिर होर्मुज इतना महत्वपूर्ण क्यों है? क्यों दुनिया का सबसे ताकतवर देश इस जलमार्ग को हर कीमत पर खुला रखना चाहता है? शायद इसका जवाब आप मोटे तौर पर जानते होंगे की इसी रास्ते तेल-गैस से भरे जहाज गुजरते हैं। लेकिन कहानी इससे काईं ज्यादा विस्तार और गहरी है। 
सबसे बड़ी बात की ईरान क्यों बार-बार इसे बंद करने की धमकी देता रहा है? और क्या अमेरीकी हमले के बाद खामेनेई की नई चेतावनी सिर्फ बयान है या आने वाले बड़े संघर्ष का संकेत? आखिर खामेनेई ने ऐसा क्या कह दिया की ये सवाल उठने लगा है? 

तेल, ताकत, मिसाइल और महासंग्राम की पूरी कहानी बताएंगे आपको इस वीडियो में कि कैसे होर्मुज आज पूरी दुनिया की सबसे खतरनाक जंग का केंद्र बन चुका है।

पश्चिम एशिया एक बार फिर युद्ध की दहलीज पर खड़ा दिखाई दे रहा है। दुनिया की सबसे अहम समुद्री लाइफलाइन मानी जाने वाली स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब अमेरिका और ईरान के बीच सीधी टक्कर का केंद्र बन चुकी है। बकरीद से ठीक पहले अमेरिका ने ईरान के उन सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जहां से ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को नियंत्रित करता है। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव कई गुना बढ़ गया है।

अमेरिका ने इन हमलों को आत्मरक्षा बताया है, लेकिन ईरान ने इसे खुली आक्रामकता करार दिया है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था, तेल बाजार और सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ने लगा है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग माना जाता है। यह फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत और यूएई जैसे देशों का ज्यादातर तेल इसी रास्ते से दुनिया तक पहुंचता है। दुनिया के कुल तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी जलमार्ग से गुजरता है। ऐसे में यहां पैदा होने वाला कोई भी संकट वैश्विक स्तर पर असर डालता है।

ईरान की भौगोलिक स्थिति उसे इस इलाके में बेहद मजबूत बनाती है। होर्मुज के उत्तरी हिस्से पर ईरान की पकड़ है। बंदर अब्बास और केश्म द्वीप जैसे इलाकों में ईरान के बड़े सैन्य अड्डे मौजूद हैं। यहां से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर यानी IRGC की नौसेना पूरे समुद्री रास्ते पर नजर रखती है। ईरान के पास स्पीड बोट्स, एंटी-शिप मिसाइलें और समुद्र में माइन्स बिछाने की क्षमता भी है। यही वजह है कि ईरान लंबे समय से दावा करता रहा है कि जरूरत पड़ने पर वह होर्मुज को बंद कर सकता है।

हाल के अमेरिकी हमले इसी रणनीतिक क्षेत्र पर केंद्रित रहे। अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास और केश्म के आसपास मौजूद ईरानी मिसाइल साइटों, नौसैनिक ठिकानों और माइन्स बिछाने वाली नावों को निशाना बनाया। अमेरिका का दावा है कि ईरानी बलों ने अमेरिकी युद्धपोतों और व्यापारिक जहाजों पर ड्रोन, मिसाइल और छोटी नावों से हमला किया था, जिसके जवाब में ये कार्रवाई की गई।

इन हमलों के बाद बंदर अब्बास इलाके में बड़े विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। ईरानी मीडिया ने कई सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचने की बात स्वीकार की, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि इसका जवाब जरूर दिया जाएगा।

दरअसल, यह तनाव अचानक पैदा नहीं हुआ। इसकी शुरुआत फरवरी 2026 में हुए बड़े संघर्ष से हुई थी। उस समय अमेरिका और इजरायल ने ईरान के परमाणु केंद्रों, सैन्य अड्डों और कमांड सिस्टम पर बड़े हमले किए थे। जवाब में ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया था। इससे पूरी दुनिया में तेल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। हजारों टैंकर फंस गए और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया।

इसके बाद अमेरिका ने ऑपरेशन “एपिक फ्यूरी” शुरू किया। अमेरिकी नौसेना ने युद्धपोत तैनात किए और व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा देना शुरू किया। दूसरी ओर ईरान ने ड्रोन, मिसाइलों और छोटी तेज नावों के जरिए जवाबी रणनीति अपनाई। कई बार दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने भी आईं। बाद में पाकिस्तान की मध्यस्थता से सीजफायर हुआ, लेकिन तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।

अब एक बार फिर वही संघर्ष नए रूप में सामने आ रहा है। ईरान होर्मुज में नई अथॉरिटी बनाकर जहाजों से टोल वसूलने की तैयारी कर रहा है, जबकि अमेरिका इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के खिलाफ बता रहा है।

इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का नया बयान आग में घी डालने वाला साबित हुआ है। खामेनेई ने कहा है कि अब पश्चिम एशिया में अमेरिकी सेना के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं बचेगी। उन्होंने साफ कहा कि क्षेत्रीय ताकतें अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए ढाल नहीं बनेंगी।

खामेनेई ने इस्लामी देशों से भी एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि भविष्य का नया क्षेत्रीय आदेश मुस्लिम देशों की एकता से तय होगा। उनके बयान को सीधे तौर पर अमेरिका के खिलाफ क्षेत्रीय मोर्चाबंदी की कोशिश माना जा रहा है।

ईरान के भीतर भी हालात चुनौतीपूर्ण हैं। पश्चिमी प्रतिबंधों और युद्ध जैसी स्थिति के कारण उसकी अर्थव्यवस्था दबाव में है। तेल निर्यात प्रभावित हुआ है और घरेलू संकट बढ़ रहा है। लेकिन ईरानी सरकार इस पूरे मुद्दे को राष्ट्रवाद और संप्रभुता से जोड़कर पेश कर रही है। ईरान का कहना है कि वह अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।

दूसरी तरफ अमेरिका का कहना है कि वह किसी भी कीमत पर होर्मुज को बंद नहीं होने देगा। ट्रंप प्रशासन लगातार कह रहा है कि ईरान इस जलमार्ग का इस्तेमाल दुनिया को ब्लैकमेल करने के लिए नहीं कर सकता। अमेरिका के लिए यह सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि आर्थिक और रणनीतिक लड़ाई भी है।

इस संघर्ष का सबसे बड़ा असर वैश्विक तेल बाजार पर दिखाई दे रहा है। तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। शिपिंग कंपनियां अपने रूट बदल रही हैं। बीमा कंपनियों ने प्रीमियम बढ़ा दिए हैं। भारत जैसे देशों के लिए यह चिंता की बात है, क्योंकि भारत का बड़ा हिस्सा तेल खाड़ी देशों से आता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल दोनों देश पूर्ण युद्ध से बचना चाहते हैं, लेकिन छोटे-छोटे सैन्य टकराव आगे भी जारी रह सकते हैं। खतरा इस बात का है कि किसी एक बड़ी घटना के बाद पूरा क्षेत्र व्यापक युद्ध में बदल सकता है।

दुनिया की नजर अब होर्मुज पर टिकी है। क्योंकि अगर यह समुद्री रास्ता बंद हुआ, तो सिर्फ मिडिल ईस्ट नहीं, बल्कि पूरी दुनिया आर्थिक और रणनीतिक संकट में फंस सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Recommended

Iran War Trump: ईरान युद्ध के बीच ट्रंप की दो टूक! अरब देश इस्रायल को दें देश की मान्यता

US Iran Conflict Donald Trump Adios Truth Social post: ट्रंप के 'Adios' पोस्ट का क्या है मायने?

24 May 2026

Pakistan Blast News: धमाके से दहला पाकिस्तान का क्वेटा शहर,ट्रेन के उड़े परखच्चे

24 May 2026

US-Iran Conflict: ईरान की अमेरिका को धमकी, ट्रंप का वीकेंड गोल्फ कार्यक्रम रद्द, बड़ी तैयारी में US?

23 May 2026

Marco Rubio India Visit: पीएम मोदी के लिए ट्रंप का संदेश लेकर आए रुबियो क्या बोले? India-US Ties

23 May 2026
विज्ञापन

Cockroach Awami Party Pakistan: भारत की नकल कर पाकिस्तान में बनी 'कॉकरोच पार्टी'!

NEET 2026 पेपर लीक में सबसे बड़ा खुलासा: क्या स्ट्रांग रूम से बाहर आया था पेपर? CBI का बड़ा एक्शन

17 May 2026
विज्ञापन

LPG Ship Symi Reach Kandla Port: होर्मुज से 20 हजार टन LPG लेकर भारत पहुंचा जहाज।

17 May 2026

US-Iran Conflict: ईरान देगा ट्रंप की हत्या करने वाले को 50 मिलियन यूरो का इनाम!

16 May 2026

Taiwan- क्या ताइवान का साथ छोड़ देगा अमेरिका?ट्रंप बोले-हथियार देने पर करेंगे विचार

Donald Trump: आखिर ट्रंप ने जिनपिंग की क्यों की तारीफ? Boeing की डील को लेकर क्या बताया?

16 May 2026

Iran-Us War: गुजरात के जहाज पर होर्मुज में हुआ हमला,भारत ने दिया कड़ा जवाब

Trump China Visit: शी जिनपिंग ने राष्ट्रपति ट्रंप को दी सीधी चेतावनी, कहा,सोच-समझकर बढ़ें आगे

14 May 2026

Iran Hangs Mossad Agent: इस्रायल के जासूस को ईरान ने दी फांसी! मोसाद को भेज रहा था टॉप सीक्रेट खबरें!

13 May 2026

बालेन शाह ने चीन पर लिया बड़ा एक्शन, शी जिनपिंग को लगा झटका!

26 Apr 2026

Iranian Forces Open Fire on Three Ships: ईरान ने भारत आ रहे इस जहाज को बनाया बंधक, की गोलीबारी

22 Apr 2026

Nepal Home Minister Sudan Gurung Resigns: नेपाल के गृह मंत्री ने दिया इस्तीफा

22 Apr 2026

Iranian Forces Open Fire on Three Ships: ईरान ने फिर तीन जहाजों पर की गोलीबारी!

22 Apr 2026

US-Iran Talk in Islamabad: पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान के बीच होगा सुलह या बढ़ेगा पश्चिम एशिया में सघर्ष?

11 Apr 2026

Israel Iran War: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका को झटका,ईरान के समर्थन में खुलकर आए रूस-चीन

08 Apr 2026

IRGC Head of Intelligence Majid Khademi Killed: IRGC के खुफिया प्रमुख माजिद खादेमी की मौत

06 Apr 2026

ईरान युद्ध में चीनी कंपनी की एंट्री, AI कैसे ट्रैक कर रही अमेरिकी सेना की गतिविधियां?

06 Apr 2026

Middle East Tension: अमेरिका के लापता पायलट पर ट्रंप के बयान ने चौंकाया, ईरान ने बनाया बंधक!

04 Apr 2026

NASA Artemis-II Launch: नासा ने लॉन्च किया आर्टेमिस 2 मिशन, क्यों है ये खास?

02 Apr 2026

देश में लगने वाला है लॉकडाउन? अमित शाह ने दिया ये जवाब

28 Mar 2026

Nepal PM Balen Shah on PM Modi: पीएम मोदी के बधाई संदेश पर क्या बोले नेपाली पीएम बालेंद्र शाह?

28 Mar 2026

Iran-Israel War: होर्मुज को लेकर ट्रंप ने ईरान को चेताया!

28 Mar 2026

Iran-Israel War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया दावा इतने दिन में खत्म होगा पश्चिम एशिया संकट!

24 Mar 2026

Colombia Military Plane Crash: कोलंबिया में हुआ बड़ा विमान हादसा, उड़ान भरते ही एयरफोर्स का प्लेन क्रैश

24 Mar 2026

Britain Entry in Iran-Israel War: Iran के खिलाफ युद्ध में शामिल हुआ ब्रिटेन?

23 Mar 2026
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed