Bareilly News: शिकायतों का फर्जी निस्तारण करने पर 67 अफसरों पर कार्रवाई, 15 का वेतन रोका, 52 को नोटिस जारी
बरेली में शिकायतों का फर्जी निस्तारण करने के मामले में डीएम ने बड़ी कार्रवाई की है। डीएम ने 15 अफसरों का वेतन रोका है। 52 को नोटिस जारी कर गुणवत्तापूर्ण निस्ताकरण की हिदायत दी है।
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बरेली में समेकित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पर मई में निस्तारित की गई 1,804 शिकायतों का फीडबैक लिया गया तो पता चला कि 1,206 शिकायतों का फर्जी निस्तारण कर दिया गया है। यानी करीब दो तिहाई शिकायतकर्ता निस्तारण से संतुष्ट नहीं मिले। इस पर डीएम ने 67 अधिकारियों पर कार्रवाई की है। 15 का वेतन रोका गया है, जबकि 52 को नोटिस जारी कर शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की चेतावनी दी गई है।
नगर आयुक्त की ओर से निस्तारित 42 में से 29 शिकायतें डिफाल्टर श्रेणी में पाई गईं। मुख्य चिकित्साधिकारी स्तर से निस्तारित 27 शिकायतों में से 19, महिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की छह में से तीन, अधिशासी अभियंता (यांत्रिकी) सिंचाई विभाग की चार में से दो एसडीएम आंवला स्तर से निस्तारित 64 में से 39, एसडीएम नवाबगंज की 202 में से 131, एसडीएम फरीदपुर की 103 में से 67, एसडीएम बहेड़ी की 72 में से 55, उप निदेशक कृषि की ओर से 181 में से 129 मामलों में शिकायतकर्ता असंतुष्ट पाए गए।
इनका रोका वेतन
इनमें अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, अधिशासी अभियंता तृतीय विद्युत, प्रबंधक/प्रधान प्रबंधक दुग्ध विकास विभाग, रोडवेज के एआरएम, बहेड़ी और मीरगंज के चकबंदी अधिकारी, अधिशासी अधिकारी फतेहगंज पश्चिमी, क्यारा, फरीदपुर, भोजीपुरा और मझगवां के प्रभारी चिकित्साधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड बहेड़ी, खंड शिक्षा अधिकारी क्यारा, बाल विकास परियोजना अधिकारी फरीदपुर, सब रजिस्ट्रार नवाबगंज शामिल हैं। मई में इनकी ओर से निस्तारित 21 मामलों में एक भी शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं मिले।
शासन की सख्ती के बाद भी कम नहीं हुई लापरवाही
भूखे-प्यासे रहकर अपनी समस्या लेकर आने वाले फरियादियों की शिकायतों के निस्तारण में अफसरों ने सिर्फ कागजी कोरम पूरा किया। दो तिहाई शिकायतों के फीडबैक में फरियादियों की असंतुष्टि इस बात का प्रमाण है। शासन की सख्ती के बावजूद अफसरों के लापरवाह रवैये में कोई सुधार नहीं आया है। हालांकि, 67 अफसरों पर कार्रवाई के बाद सरकारी महकमों में खलबली मची हुई है। डीएम ने भी स्पष्ट किया है कि शिकायतों के निस्तारण में दोबारा लापरवाही मिली तो कार्रवाई और सख्त होगी।
अधिशासी अधिकारी आंवला की ओर से छह, अधिशासी अधिकारी रिछा की ओर से सात, अधिशासी अधिकारी धौराटांडा की ओर से एक, अधिशासी अधिकारी नवाबगंज की ओर से दो और अधिशासी अधिकारी बिशारतगंज की ओर से चार शिकायतों का फर्जी निस्तारण किया गया। अपर नगर आयुक्त ने मई में 161 शिकायतों का निस्तारण किया। इनमें से 121 शिकायतों के निस्तारण से फरियादी संतुष्ट नहीं मिले।
अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड आंवला, अधिशासी अभियंताप्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत सेल, एलडीएम, खंड शिक्षा अधिकारी फतेहगंज पश्चिमी, आलमपुर जाफराबाद, क्यारा, नवाबगंज, बिथरी चैनपुर, मीरगंज क्षेत्र के खंड विकास अधिकारी, जिला क्षय रोग अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी ने भी शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरती।
आंवला, नवाबगंज, फरीदपुर, बरेली, बहेड़ी, मीरगंज के तहसीलदार, परियोजना अधिकारी डुडा, परियोजना अधिकारी नेडा, प्रभागीय वन अधिकारी, आलमपुर जाफराबाद, दमखोदा, भदपुरा, मीरगंज क्षेत्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, सामान्य प्रबंधक उद्योग, बाल विकास परियोजना अधिकारी दमखोदा व भदपुरा, सहायक आयुक्त खाद्य-2, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम, सहायक विकास अधिकारी भुता, रामनगर, सहायक श्रमायुक्त, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन को भी नोटिस जारी किए गए हैं।