{"_id":"6a1d5f25764f77418a033880","slug":"kesar-sugar-mill-land-auctioned-for-rs-28-crore-auctioned-for-rs-28-05-crore-in-baheri-bareilly-2026-06-01","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: बहेड़ी में 28 करोड़ रुपये में नीलाम हुई केसर चीनी मिल की जमीन, गन्ना किसानों में जगी उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: बहेड़ी में 28 करोड़ रुपये में नीलाम हुई केसर चीनी मिल की जमीन, गन्ना किसानों में जगी उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Mon, 01 Jun 2026 04:00 PM IST
विज्ञापन
केसर चीनी मिल
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बरेली के बहेड़ी में केसर चीनी मिल की मुड़िया मुकर्रमपुर हाईवे किनारे स्थित भूमि की नीलामी शनिवार को तहसील परिसर में हुई। पांच निवेशकों ने जोर आजमाइश की, पर आदेश पांडेय ने सर्वाधिक 28.05 करोड़ रुपये की बोली लगाने के साथ ही 37 फीसदी जमानत राशि (करीब सात करोड़ रुपये) चेक से जमा किए। अफसरों ने पूरा जमा राशि करने पर भूमि हस्तांतरण करने की बात कही है।
केसर चीनी मिल पर क्षेत्र के किसानों का करीब 147 करोड़ रुपये बकाया है। इसी पर तहसील प्रशासन ने मिल की जमीन को कुर्क किया था। गाटा संख्या 402 (11.446 हेक्टेयर) की नीलामी शनिवार को प्रस्तावित थी। पूर्व में भी सात बार इसकी नीलामी की प्रक्रिया हो चुकी थी, लेकिन बोली लगाने वाले नहीं पहुंचे थे। इस जमीन की सरकारी कीमत लगभग 27 करोड़ रुपये आंकी गई है।
शनिवार को तहसील में एडीएम वित्त संतोष कुमार के निर्देशन में नीलामी शुरू हुई। श्याम सुंदर ब्रदर्स रुद्रपुर, भूपेंद्र कुर्मी बहेड़ी, आदेश पांडेय बरेली, एपी ब्रदर्स रुद्रपुर, पुष्कर राज बोली लगाने पहुंचे। नीलामी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई। जॉइंट मजिस्ट्रेट इशिता किशोर के मुताबिक, नीलामी से मिली धनराशि से किसानों के बकाये का भुगतान किया जाएगा।
विज्ञापन
Trending Videos
केसर चीनी मिल पर क्षेत्र के किसानों का करीब 147 करोड़ रुपये बकाया है। इसी पर तहसील प्रशासन ने मिल की जमीन को कुर्क किया था। गाटा संख्या 402 (11.446 हेक्टेयर) की नीलामी शनिवार को प्रस्तावित थी। पूर्व में भी सात बार इसकी नीलामी की प्रक्रिया हो चुकी थी, लेकिन बोली लगाने वाले नहीं पहुंचे थे। इस जमीन की सरकारी कीमत लगभग 27 करोड़ रुपये आंकी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को तहसील में एडीएम वित्त संतोष कुमार के निर्देशन में नीलामी शुरू हुई। श्याम सुंदर ब्रदर्स रुद्रपुर, भूपेंद्र कुर्मी बहेड़ी, आदेश पांडेय बरेली, एपी ब्रदर्स रुद्रपुर, पुष्कर राज बोली लगाने पहुंचे। नीलामी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई। जॉइंट मजिस्ट्रेट इशिता किशोर के मुताबिक, नीलामी से मिली धनराशि से किसानों के बकाये का भुगतान किया जाएगा।
पहले जमा कराई दस फीसदी राशि, तब शुरू हुई बोली
बोली लगाने के लिए पहुंचे सभी लोगों से मूल राशि 27 करोड़ का 10 फीसदी ड्राफ्ट से जमा कराने के बाद नीलामी प्रक्रिया शुरू कराई गई। अफसरों ने प्रत्येक बोली में 10 लाख रुपये बढ़त की बात की तो सभी इन्कार कर दिया। एक-दो लाख बढ़त के साथ बोली शुरू हुई। अंतिम राउंड में सभी लोग नरम पड़ गए। आदेश पांडेय ने सर्वाधिक 28.05 करोड़ रुपये की बोली लगाई और इसी पर मुहर लगी।
35 करोड़ रुपये का ड्राफ्ट लेकर पहुंचे ब्लॉक प्रमुख
नीलामी प्रक्रिया के अंतिम चरण में ब्लॉक प्रमुख मोहन सिंह चौहान 35 करोड़ रुपये का ड्राफ्ट लेकर पहुंचे। कहा कि समय का ध्यान नहीं रहा, लेकिन जमीन को 35 करोड़ में खरीदने के लिए तैयार हैं। इस पर आदेश पांडेय ने आपत्ति जताई। अधिकारियों ने असमर्थता जताते हुए जिलाधिकारी से मिलने की बात कही।
बोली लगाने के लिए पहुंचे सभी लोगों से मूल राशि 27 करोड़ का 10 फीसदी ड्राफ्ट से जमा कराने के बाद नीलामी प्रक्रिया शुरू कराई गई। अफसरों ने प्रत्येक बोली में 10 लाख रुपये बढ़त की बात की तो सभी इन्कार कर दिया। एक-दो लाख बढ़त के साथ बोली शुरू हुई। अंतिम राउंड में सभी लोग नरम पड़ गए। आदेश पांडेय ने सर्वाधिक 28.05 करोड़ रुपये की बोली लगाई और इसी पर मुहर लगी।
35 करोड़ रुपये का ड्राफ्ट लेकर पहुंचे ब्लॉक प्रमुख
नीलामी प्रक्रिया के अंतिम चरण में ब्लॉक प्रमुख मोहन सिंह चौहान 35 करोड़ रुपये का ड्राफ्ट लेकर पहुंचे। कहा कि समय का ध्यान नहीं रहा, लेकिन जमीन को 35 करोड़ में खरीदने के लिए तैयार हैं। इस पर आदेश पांडेय ने आपत्ति जताई। अधिकारियों ने असमर्थता जताते हुए जिलाधिकारी से मिलने की बात कही।
मुख्यमंत्री से गुहार, 70 करोड़ की जमीन 28 करोड़ में नीलाम
नीलामी प्रक्रिया के बाद क्षेत्रवासियों में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री, गन्ना मंत्री आदि से जमीन की नीलामी से प्राप्त धनराशि को आधे से भी कम बताया। विनोद चौधरी ने पोस्ट में लिखा है कि जमीन की कीमत करीब 70 करोड़ रुपये है, लेकिन 28 करोड़ में नीलाम कर दी गई। इससे न गन्ने का पूरा बकाया भुगतान होगा, न ही किसानों का भला होगा। मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की गई है।
नीलामी प्रक्रिया के बाद क्षेत्रवासियों में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री, गन्ना मंत्री आदि से जमीन की नीलामी से प्राप्त धनराशि को आधे से भी कम बताया। विनोद चौधरी ने पोस्ट में लिखा है कि जमीन की कीमत करीब 70 करोड़ रुपये है, लेकिन 28 करोड़ में नीलाम कर दी गई। इससे न गन्ने का पूरा बकाया भुगतान होगा, न ही किसानों का भला होगा। मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की गई है।