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Rajasthan: खैरथल-तिजारा में स्वास्थ्य केंद्रों पर औचक निरीक्षण, कई जगह लापरवाही उजागर, कार्रवाई के निर्दश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़
Published by: कोटपुतली ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jun 2026 07:23 AM IST
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सार
खैरथल-तिजारा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने सीएचसी और पीएचसी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई जगह डॉक्टर और कर्मचारी अनुपस्थित मिले, साफ-सफाई की स्थिति खराब पाई गई और दवा व बेडशीट जैसी बुनियादी सुविधाओं में कमी सामने आई।
Collector Orders Surprise Inspections of Health Centers, Action Against Absent Doctors and Staf
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विस्तार
खैरथल-तिजारा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर के निर्देश पर शनिवार को विभिन्न उपखंड अधिकारियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पतालों में साफ-सफाई, दवा उपलब्धता, भवनों की स्थिति, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति सहित कई व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई। निरीक्षण में कई खामियां सामने आने पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए, जबकि अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए गए।
किशनगढ़बास सीएचसी में डॉक्टर अनुपस्थित, भवन की हालत खराब मिली
किशनगढ़बास में उपखंड अधिकारी सत्यवीर सिंह और तहसीलदार अभिषेक यादव ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सक डॉ. सुरेश पाटोदिया ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए, जिस पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण में अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। भवन की दीवारों में सीलन, कई जगह उखड़ा हुआ प्लास्टर और टूटी टाइलें पाई गईं। अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को भवन की मरम्मत कराने और मरीजों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने को भी कहा गया।
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इसके अलावा हाल ही में आरएल ड्रिप से मरीजों की तबीयत बिगड़ने की घटनाओं के संदर्भ में भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने संदिग्ध बैच की ड्रिप के उपयोग पर रोक लगाने और पूरी सावधानी बरतने के निर्देश दिए। मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक भी लिया गया।
मुंडावर सीएचसी में व्यवस्थाओं की गहन जांच
मुंडावर में उपखंड अधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर उपस्थिति रजिस्टर, ओपीडी, लेबर रूम, आपातकालीन कक्ष, एक्स-रे कक्ष और भवन की स्थिति का अवलोकन किया। इस दौरान दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई व्यवस्था और बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण की प्रक्रिया की भी जांच की गई। अधिकारियों ने चिकित्सकों और कर्मचारियों को समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल परिसर में नियमित सफाई बनाए रखने पर जोर दिया गया।
टपूकड़ा अस्पताल में बेडशीट न मिलने पर नाराजगी
टपूकड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण उपखंड अधिकारी कृष्ण यादव ने किया। निरीक्षण में अस्पताल भवन की स्थिति सामान्य पाई गई, लेकिन परिसर और लेबर रूम में साफ-सफाई कमजोर मिली, जिस पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। महिला वार्ड और सामान्य वार्ड में मरीजों के बेड पर बेडशीट उपलब्ध नहीं मिलने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई और तुरंत व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आपातकालीन द्वार के सामने अव्यवस्थित पार्किंग को भी हटाने के आदेश दिए गए, ताकि आपात स्थिति में मरीजों की आवाजाही बाधित न हो।
हिंगवाहेड़ा पीएचसी में सभी कर्मचारी उपस्थित, सफाई में सुधार के निर्देश
तिजारा उपखंड अधिकारी संजीव कुमार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हिंगवाहेड़ा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सभी चिकित्सक और कर्मचारी उपस्थित पाए गए, जिसे संतोषजनक स्थिति माना गया। हालांकि अस्पताल परिसर की साफ-सफाई में कुछ कमियां पाई गईं, जिनमें सुधार के निर्देश संबंधित चिकित्सा अधिकारी को दिए गए।
कोटकासिम सीएचसी में तीन डॉक्टर और दो नर्सिंगकर्मी अनुपस्थित
कोटकासिम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण में उपखंड अधिकारी रेखा यादव को गंभीर लापरवाही मिली। निरीक्षण के दौरान तीन चिकित्सक और दो नर्सिंगकर्मी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। इस पर अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: जिला कलेक्टर
जिला कलेक्टर ने कहा कि आमजन को समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को साफ-सफाई बनाए रखने, आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, चिकित्सा उपकरणों का नियमित रखरखाव करने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे भी स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण जारी रहेगा और अनियमितताएं पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
किशनगढ़बास सीएचसी में डॉक्टर अनुपस्थित, भवन की हालत खराब मिली
किशनगढ़बास में उपखंड अधिकारी सत्यवीर सिंह और तहसीलदार अभिषेक यादव ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सक डॉ. सुरेश पाटोदिया ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए, जिस पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
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निरीक्षण में अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। भवन की दीवारों में सीलन, कई जगह उखड़ा हुआ प्लास्टर और टूटी टाइलें पाई गईं। अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को भवन की मरम्मत कराने और मरीजों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने को भी कहा गया।
इसके अलावा हाल ही में आरएल ड्रिप से मरीजों की तबीयत बिगड़ने की घटनाओं के संदर्भ में भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने संदिग्ध बैच की ड्रिप के उपयोग पर रोक लगाने और पूरी सावधानी बरतने के निर्देश दिए। मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक भी लिया गया।
मुंडावर सीएचसी में व्यवस्थाओं की गहन जांच
मुंडावर में उपखंड अधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर उपस्थिति रजिस्टर, ओपीडी, लेबर रूम, आपातकालीन कक्ष, एक्स-रे कक्ष और भवन की स्थिति का अवलोकन किया। इस दौरान दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई व्यवस्था और बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण की प्रक्रिया की भी जांच की गई। अधिकारियों ने चिकित्सकों और कर्मचारियों को समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल परिसर में नियमित सफाई बनाए रखने पर जोर दिया गया।
टपूकड़ा अस्पताल में बेडशीट न मिलने पर नाराजगी
टपूकड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण उपखंड अधिकारी कृष्ण यादव ने किया। निरीक्षण में अस्पताल भवन की स्थिति सामान्य पाई गई, लेकिन परिसर और लेबर रूम में साफ-सफाई कमजोर मिली, जिस पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। महिला वार्ड और सामान्य वार्ड में मरीजों के बेड पर बेडशीट उपलब्ध नहीं मिलने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई और तुरंत व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आपातकालीन द्वार के सामने अव्यवस्थित पार्किंग को भी हटाने के आदेश दिए गए, ताकि आपात स्थिति में मरीजों की आवाजाही बाधित न हो।
हिंगवाहेड़ा पीएचसी में सभी कर्मचारी उपस्थित, सफाई में सुधार के निर्देश
तिजारा उपखंड अधिकारी संजीव कुमार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हिंगवाहेड़ा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सभी चिकित्सक और कर्मचारी उपस्थित पाए गए, जिसे संतोषजनक स्थिति माना गया। हालांकि अस्पताल परिसर की साफ-सफाई में कुछ कमियां पाई गईं, जिनमें सुधार के निर्देश संबंधित चिकित्सा अधिकारी को दिए गए।
कोटकासिम सीएचसी में तीन डॉक्टर और दो नर्सिंगकर्मी अनुपस्थित
कोटकासिम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण में उपखंड अधिकारी रेखा यादव को गंभीर लापरवाही मिली। निरीक्षण के दौरान तीन चिकित्सक और दो नर्सिंगकर्मी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। इस पर अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: जिला कलेक्टर
जिला कलेक्टर ने कहा कि आमजन को समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को साफ-सफाई बनाए रखने, आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, चिकित्सा उपकरणों का नियमित रखरखाव करने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे भी स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण जारी रहेगा और अनियमितताएं पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।