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Kotputli-Behror: तेज आंधी का कहर, बिलाली गांव में धार्मिक यज्ञ स्थल पर लगा टेंट गिरने से दो घायल, हादसा टला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़
Published by: कोटपुतली ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2026 10:15 PM IST
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सार
बिलाली गांव में धार्मिक यज्ञ में शामिल श्रद्धालुओं के बीच उस समय भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जब तेज अंधड़ के चलते कार्यक्रम स्थल पर लगा विशाल टेंट भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में दो लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
राजकीय बीडीएम अस्पताल में घायल श्रद्धालुओं का उपचार करते चिकित्सक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले के बानसूर क्षेत्र के बिलाली गांव में शनिवार को आयोजित धार्मिक यज्ञ कार्यक्रम के दौरान अचानक आए तेज तूफान से बड़ा हादसा होते-होते टल गया। तेज हवा के झोंकों से कार्यक्रम स्थल पर लगाया गया विशाल टेंट भरभराकर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आने से दो श्रद्धालु घायल हो गए। इनमें से एक की हालत गंभीर होने पर उसे जयपुर रैफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार बिलाली गांव में धार्मिक यज्ञ एवं विभिन्न अनुष्ठानों का आयोजन चल रहा था, जिसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होने पहुंचे थे। शाम के समय अचानक मौसम बदला और तेज अंधड़ शुरू हो गया। कुछ ही मिनटों में हवा की रफ्तार इतनी बढ़ गई कि आयोजन स्थल पर लगा विशाल टेंट हिलने लगा और देखते ही देखते धराशायी हो गया।
ये भी पढ़ें: राजस्थान में डॉग बाइट का बढ़ता खतरा: 5 साल में 18.42 लाख लोग बने शिकार, हर साल 4 लाख से ज्यादा मामले
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टेंट गिरने से कुछ समय पहले अधिकांश श्रद्धालु सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि टेंट के पीछे मौजूद कुछ लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे में ओली की ढाणी (खारवा, बिलाली) निवासी 50 वर्षीय रोशन स्वामी पुत्र मामराज और 60 वर्षीय सुगनचंद पुत्र बोदनराम घायल हो गए।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों और आयोजन समिति के सदस्यों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को टेंट के नीचे से बाहर निकाला और निजी वाहनों से बानसूर होते हुए राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल पहुंचाया।
जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में कार्यरत नर्सिंग अधिकारी श्रीराम सराधना ने बताया कि रोशन स्वामी को गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जयपुर रैफर कर दिया गया। वहीं दूसरे घायल सुगनचंद का जिला अस्पताल में उपचार जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार तूफान अचानक आया और हवा की गति इतनी तेज थी कि टेंट को संभालने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही क्षणों में पूरा ढांचा जमीन पर आ गिरा, जिससे कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार बिलाली गांव में धार्मिक यज्ञ एवं विभिन्न अनुष्ठानों का आयोजन चल रहा था, जिसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होने पहुंचे थे। शाम के समय अचानक मौसम बदला और तेज अंधड़ शुरू हो गया। कुछ ही मिनटों में हवा की रफ्तार इतनी बढ़ गई कि आयोजन स्थल पर लगा विशाल टेंट हिलने लगा और देखते ही देखते धराशायी हो गया।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टेंट गिरने से कुछ समय पहले अधिकांश श्रद्धालु सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि टेंट के पीछे मौजूद कुछ लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे में ओली की ढाणी (खारवा, बिलाली) निवासी 50 वर्षीय रोशन स्वामी पुत्र मामराज और 60 वर्षीय सुगनचंद पुत्र बोदनराम घायल हो गए।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों और आयोजन समिति के सदस्यों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को टेंट के नीचे से बाहर निकाला और निजी वाहनों से बानसूर होते हुए राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल पहुंचाया।
जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में कार्यरत नर्सिंग अधिकारी श्रीराम सराधना ने बताया कि रोशन स्वामी को गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जयपुर रैफर कर दिया गया। वहीं दूसरे घायल सुगनचंद का जिला अस्पताल में उपचार जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार तूफान अचानक आया और हवा की गति इतनी तेज थी कि टेंट को संभालने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही क्षणों में पूरा ढांचा जमीन पर आ गिरा, जिससे कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।