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Hapur News: नौ करोड़ के विकास कार्यों को स्वीकृति मिलने का इंतजार, कछुआ गति से चल रही फाइल
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हापुड़। शहर में होने वाले विकास कार्यों को लेकर पालिका के अधिकारी गंभीरता नहीं बरत रहे हैं। करीब छह महीने से करीब नौ करोड़ के विकास कार्यों के प्रस्तावों की फाइल कछुआ गति से चल रही है। इस कारण 15 वें वित्त आयोग के कार्यों को स्वीकृति नहीं मिल रही है। इससे हजारों शहरवासियों को परेशान होना पड़ रहा है।
नगर पालिका को अक्टूबर से लेकर दिसंबर माह तक अलग-अलग किस्तों में करीब नौ करोड़ रुपये मिले थे। इनसे निर्माण कार्य कराए जाने हैं। इसके लिए तत्कालीन डीएम अभिषेक पांडेय ने प्रस्ताव बनाने के आदेश दिए थे। इसके अलावा जलकल विभाग और स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव अलग से बनाए गए हैं, इसमें सबसे महत्वपूर्ण निर्माण विभाग के प्रस्ताव हैं।
डीएम के आदेश के बाद पालिका के अधिकारियों ने नौ करोड़ के स्थान पर दोगुना से अधिक के प्रस्ताव बनाए। इन प्रस्तावों को वर्तमान डीएम कविता मीना के समक्ष भी रखा गया, लेकिन कुछ कमियों के कारण से प्रस्ताव अटके हुए हैं। वहीं, दोगुना से अधिक के प्रस्ताव होने के कारण अब तय बजट के प्रस्तावों का चयन नहीं हो रहा है। इस कारण कार्यों को स्वीकृति नहीं मिल रही है। लगातार हो रही विकास कार्यों की देरी के कारण शहरवासी परेशान हैं। वहीं, सभासदों की सहमति भी न बनना भी बड़ी वजह बना हुआ है। पालिका के अधिकारी भी इस दिशा में कड़ा कदम नहीं उठा रहे हैं। इस कारण कार्य लगातार प्रभावित हो रहे हैं।
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मामले में अधिशासी अधिकारी संजय कुमार मिश्रा का कहना है कि प्रस्तावों की फाइल तैयार है और जिलाधिकारी से चर्चा के बाद इन्हें स्वीकृति दिलाकर टेंडर प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
नगर पालिका को अक्टूबर से लेकर दिसंबर माह तक अलग-अलग किस्तों में करीब नौ करोड़ रुपये मिले थे। इनसे निर्माण कार्य कराए जाने हैं। इसके लिए तत्कालीन डीएम अभिषेक पांडेय ने प्रस्ताव बनाने के आदेश दिए थे। इसके अलावा जलकल विभाग और स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव अलग से बनाए गए हैं, इसमें सबसे महत्वपूर्ण निर्माण विभाग के प्रस्ताव हैं।
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डीएम के आदेश के बाद पालिका के अधिकारियों ने नौ करोड़ के स्थान पर दोगुना से अधिक के प्रस्ताव बनाए। इन प्रस्तावों को वर्तमान डीएम कविता मीना के समक्ष भी रखा गया, लेकिन कुछ कमियों के कारण से प्रस्ताव अटके हुए हैं। वहीं, दोगुना से अधिक के प्रस्ताव होने के कारण अब तय बजट के प्रस्तावों का चयन नहीं हो रहा है। इस कारण कार्यों को स्वीकृति नहीं मिल रही है। लगातार हो रही विकास कार्यों की देरी के कारण शहरवासी परेशान हैं। वहीं, सभासदों की सहमति भी न बनना भी बड़ी वजह बना हुआ है। पालिका के अधिकारी भी इस दिशा में कड़ा कदम नहीं उठा रहे हैं। इस कारण कार्य लगातार प्रभावित हो रहे हैं।
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